Friday, April 9, 2010

रक्षक बनें भक्षक


हमारे देश के सैनिक,हमारे देश की शान जिन्हे हम देश के रक्षक मानत है..लेकिन अब वो दिन लद गए ऐसा कहना कोई गलत नहीं होगा..जहां छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमलों का शिकार हुए 76 शहीदों को हम भूला भी नहीं पाए थे वहां...पुणे में जो घटना आज सामने आई उसने वाकीय सभी सैनिको को शर्मसार कर दिया..राजपूताना रायफल्स के दो जवानों ने 19 वर्षिय एक लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया...क्या यही है वो जिनके हाथों हम हमारे देश को सौंप चुके हैं....ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले क्या इन्हे एक बार भी अपनी वर्दी का ख्याल नहीं आया...क्या हम अपने देश के इन जवानों के प्रति जो सम्मान रखते हैं वो क्या अब भी कायम रह पाएगा... इतनी निंदनिय कर्म करने वालों को तो जीने का भी अधिकार नहीं है...हमारे देश का कानून ही शायद इस मामलों को बढ़ावा दे रहा है..क्या नहीं सरे आम ऐसे लोगों को फासी की सज़ा दी जाती ताकी दूसरों के लिए सबक तो हो...उस लड़की पर क्या बिती होगी इसका अंदाज़ा शायद उन लोगों को नहीं जो ऐसा काम करते समय ये भूल जाते है कि उनके भी घर में मां-बहनें हैं...कब -तक ये अपराध का ग्राफ यू ही बढ़ता जाएगा..कब -तक ये लोग यू ही मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाते रहेगे...अब जब देश की रक्षा करनेवाले भी यही करने लगे तो लड़कियां तो घर से बाहर भी नहीं निकल सकती..क्या लड़की होना एक सज़ा है..क्यों इन बेशर्म लोगों को ऐसे ही कानून रिहा कर देता है...बात इज्जत की है वो भी एक लड़की की ...कई तो मामले ऐसे होते हैं जो सामने भी ननहनीं आ पाते...और कई ऐसे हैं जो सामने होने के बाद भी ऐसे ही दबा दिए जाते हैं..मानो कुछ हुआ ही ना हो...समय अब चुप रहने का नही है..समय है ऐसे लोगों को इस देश क्या दुनियां से अलविदा कहने का...समय है इसे रोकने के लिए मिलकर आवाज़ उठाने का...और इसे जड़ से मिटाने का

Tuesday, April 6, 2010

नक्सलियों की काली करतूत




छत्तीसगढ़ ये वो राज्य है जहां से जून 2009 में ऑपरेशन ग्रीन हंट की शुरूआत हुई थी...अब ये ग्रीन हंट है क्या ये वो ऑपरेशन है जिसे नक्सलियों के खिलाफ सरकार ने चलाया है..जिसका मकसद नक्लियों को जड़ से मिटा देना है....देश में बड़ रहे इस नक्सवाद को खत्म होने में कितना समय लगेगा ये कहना मुश्किल है...गृहमंत्री पी.चिदमंबरम ने बयान से बौखलाए नक्सली इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते है इसका अंदाज़ा किसी के ख्वाबों-ख्याल में भी नहीं था..6 अप्रैल 2010 ये वो दिन है जो सारे देश में खास कर छत्तीसगढ़ में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा...इस दिन एक साथ देश ने 76 जवानों को खो दिया,इस दिन कई बच्चे अनाथ हो गए,कई मांओं से उनके बेटे छिन गए,कई पत्नियों ने अपना सुहाग खो दिया...बदले में इन जवानों को मिली सिर्फ शहादत ...नक्सली आखिर इतने उग्र क्यों हो गए...इसका कारण सरकार के पास नहीं है ..आए दिन हमले होते रहते है सारी तैयारियां धरी का धरी रह जाती है..हमलमा करके ये लोग कहां गयाब हो जाते हैं..इसका पता भी नहीं चलता...अभी कुछ दिन पहले ही मेरी मुलाकात ट्रेन में कुछ सीआरपीफ के जवानों से हुई जो दंतेवाड़ा में पोस्टेड थे...बात जब निकली नकस्लियों की तो उनका कहना था..हमारे पास ना तो इतने अच्छे..इतने आधुनिक हथियार है,ना ही जंगलों की कोई जानकारी,जंगल इतने घने होते है की एक बार अगर अंदर चले गए तो रास्ता भटक जाए...हमारे पास जंगलों की कोई नोलेज नहीं कहां..नक्सली धुपे हो सकते हैं...यहां तक की गांव के लोगों से भी बात करके कुछ जानकारी नहीं ले सकते पता नहीं कौन आम आदमी है और कौन नक्सली..ये बाते सुनकर वाकीय यहीं लगा...एक तो घर से दूर उपर से सर पर कफन बांधे ये जवान आखिर क्या करें ,कैसे सबसे नपटे ..औऱ कल ही ये इतनी बड़ी वारदात हो गई...उस जवान की बातें लगातार मुझे याद आ रही थी...सरकार क्या करती है कुछ खाम नहीं...इतने जवान अब तक मारे गए है...क्या कोई अंदाज़ा है..अकेले छत्तीसगढ़ में ही..14-14 मार्च 06 रानीबोदली में पुलिस कैपं पर हमला हुआ 55 जवान शहीद,9 जुलाई 08 दंतेवाड़ा में पीछा कर रही पुलिस पार्टी पर हमला 22 जवान शहीद,09 मई 09 धमतरी के रिसगांव में सर्चिंग से लौट रहे जवानों परहमला 13 शहीद,11 जुलाई 09 राजनांदगांव में एंबुश लगाकर हमला एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 शहीद औऱ 6 अप्रैल 2010 को 76 जवान शहीद...आखिर इन नक्सलियों को आततंकवादी क्या घोषित नहीं किया जाता....कब तक ये बेगुनाहों की जान यू ही लेते रहेंगे...ये तो सिर्फ जवानों की ही बात है ,नकस्ली रोज़ एक-दो ,एक -दो आम लोगों की जान तो लेते ही रहते हैं....और बात जब आती है मुआवज़े की तो अभी तक कई शहीद जवान के परिवार ऐसे हैं जिनका बोटा तो छिन ही गया..अब घर चलाने के लिए सरकार की तरफ से मदद के इंतज़ार में हैं...अब इतनी बड़ी वारदात के बाद भी हमारी सरकार सिर्फ बैठके ही कर रही है...क्या सरकार की निंद कब जगेगी..क्या ऐसे ही हमारे जवान शहीद होते रहेगे..अब तो कुछ कड़े रूख अख्तियार करने के जरूरत है...इनको रोकना बेहद लाबूदा मुद्दा है....

Monday, April 5, 2010

नटखट बच्चे की प्यारी बातें


बच्चे कितने मासूम होते है इसका अंदाज़ मुझे था लेकिन इतना प्यारी बातें वो कर सकते है ये हम सोच भी नहीं सकते...मेरे भांजे की बाती बहुत निराली है ..अब नौकरी में रहते हुए घर जाना बहुत कम होता है ..और फिर शादी होने के बाद घर से दूर रहना और भी प्यार बढ़ा देता है...अभी दो दिन के लिए घर गई थी..परीक्षा जो देना थी ..जाने के लिए तैयार हुए मेरे बेटा जी हां दीदी के बच्चे यानी मेरे ही बच्चे बड़े प्यार से मुझे देख रहा था...फिर उसने पूछ ही लिया क्या मैं वापस जा रही हूं...तैयार होने की क्या वजह है..तब मैंने बताया एक्ज़ाम देने जा रही हूं..तो कब-तक वापस जा जाएगी..मैंने जवाब दिया बस कुछ ही देर में...उसे थोड़ी राहत मिली चलो ये जा तो नहीं रही है..अभी वापस आ जाएगी...अचानक ही कॉलेज से फोन आ गया एक्जाम कैंनसिल हो गया है...मैंने वापस घर के लिबाज में आ गई..बेटे ने वापस देखा ये क्या मैं तो फिर घर के कपड़ों में आ गई..फिर उसके सावल शूरू हो गए..क्या हुआ तू जा नहीं रही है एक्ज़ाम देन..मैंने कहा नहीं अब नहीं जाना है मैं यहीं पर हूं नहीं जाउंगी...तो फिर बेटे के सवाल सुनिए...अब तू कभी भी नहीं जाएगी ...हमारे साथ ही रहेगी..मेरा जवाब था हैं...फिर एक बात तो ऐसी कह दी की मेरे दिल को छू गई...अब अपने पति के पास भी नहीं जाएगी...मैं तो जैसे दंग रह गई..क्या सच ये इतना प्या करता है,मेरे जाना इसे इतना पसंद नहीं...ये बात मुझे इतनी प्यारी लगी की मेरे पास उस एहसास को बयां करने के शब्द ही नहीं है...बस दिल ने चाहा उसे बहुत सारा प्यार करू...ये है मेरे प्यारे बेटे की प्यारी बातें...

Sunday, April 4, 2010

'क्या पाया क्या खोया'


क्या पाया क्या खोया मैंने,जाना ये तनहाई में,
चल पड़े हैं घर से दूर,संग अपनी परछाई के,

नहीं है कोई साथ हमारे,फिर भी चलते जाना है,
दुनियां की है बात निराली,ज़ालिम ये जमाना है,

अब जाना ये दुनियादारी,करती है परेशान हमें
छूट गया है बचपन सारा,आ गई समझदारी हमें,

हो गए हैं घर से दूर,कैसा ये जीवन का खेल,
करते हैं हर दिन काम,ऐसा है समय का फेर

YOU ARE MY LIFE


I CAN FEEL YOU
I CAN SEE YOU
YOU ARE THE JOY
YOU ARE MY LIFE....

I CAN HOLD YOU
I CAN HEEL YOU
YOU ARE THE JOY
YOU ARE MY LIFE...

I WANNA GO
UP TO THE SKY
YOU ARE THE JOY
YOU ARE MY LIFE....


HOLD MY ARMS
HOLD MY BREATH
YOU ARE THE JOY
YOU ARE MY LIFE...

C'OM OH BABY
LETS MAKE A WAY
YOU ARE THE JOY
YOU ARE MY LIFE....

SANIA SHOIAB ONE TEAM


well...this is the fight between two players..but here they are not fighting for their state not for their country here they are fighting for their life .yes its a game of mixed doubles and its a game of love,exactly SANIA and SHOIAB are a team and their rivals are many...its a game of two man army...where sania and shoiab are the commonder of their team and they have fight like do and die...if we talk about the enemy they are many but namely the one and biggest is the humpty girl and shoiab 's ex wife AYESHA SIDDIQUI and her family,indian polictical parties VHP,SP ,SHIV SENA in lead and same in PAKISTAN the main rival there is PAKISTANI TENNIS FEDERATION ,and in the last but not least SHOIAB ex girl friend AMBAR....ohhh its very long list ...i think many of them are still missing or they may appear later because they are the celebs anyway....so the battle ground is ready for a war between all of them ...but we must cheer the boy he won half battle and clear the all doubts about their marriage ...ya he is in INDIA only to get married to her love..15 april is the day they tie note ,so we want saina to cross her fingers for the best and pray for good life because blue eyed monsters are still around ...and can ruined her life...anyway sania and controversy they are parall to each others and after marrige we want har to live happyly with soiab not witn these issues,,,

Saturday, April 3, 2010

'दिल की बात'


बातों को समझो ,ये वो जज्बात हैं
कर दे दिवाना,तेरे वो ख्यालात हैं,
करते नहीं वो ,बातें जो है पुरानी
नया कहने के ,हमारे अंदाज़ है,

दिल को छू ले,वो बातें हैं तेरी
प्यारी बातों की ,तेरी बिसात है,
मेरे हर सिम्त रहे,यादे तेरी
तेरी-मेरी ऐसी ही मुलाकात है,

क्या होगा आगे ये ना जाना
चाहिए सुकून मुझे,यही मिज़ाज है
आए ना तकलीफ,कहीं ना तुझे
यही मेरी खुदा से,फरयाद है

Friday, April 2, 2010

सानिया की शादी


सानिया मिर्जा वो नाम जिसे अपनी पहचान बताने की ज़रूरत नहीं शायद यही वजह है की अपने इस नाम की वजह से ही उसे इतनी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है...हर लड़की का सपना होता है एक अच्छे लड़के से वो शादी करे घर बसाए..लेकिन सानिया के सपनों को हकिकत में बदले में काफी दिक्कते आ रही हैं...पहले तो सोहराब से सगाई हुई और सिर्फ छह महिने ही टूट गई लेकिन उन लोगों केलिए खुशी की बात थी जो सानिया के दिवाने हैं...वो तो चाहते भी यही थे की सानिया इतनी जल्दी शादी ना करे ...खैर बात तो आई गई हो गई...लेकिन 29 मार्च को फिर लोगों को ज़ोरदार झटका लगा जब उन्हे पता लगा सानिय़ा शादी कर रही है और वो भी पाकिस्तान में...जिसे भारत के लोग अपना कतई पसंद नहीं कर सकते...अरे भई शादी तो सानिया कर रही है अबू आज़मी साहब को तो इतनी परेशानी जिसका अंदाज़ा ही नहीं लगाया जा सकता ..तो अबू साहब अगर आपकी बेटी को भी कोई क्रिकेटर पंसद आता तो क्या आप उसकी शादी नहीं करवाते क्या,बाल ठाकरे को तो कुछ भी लिखने के लिए मुद्दा चाहिए रोज़ सामना के लिए कोई खाल टॉपिक तो होना चाहिए जिस पर वो अपनी टिप्पणी कर सके...खैर ये तो बातें रही सियासती...अब आपको ताआरूफ करवाले है उस शख्स ने जिससे सानीया निकाह करने को बेताब है ..ये है पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक जो आजकल मिडीया पर छाए हुए हैं...अब क्रिकेटर है तो ज़ाहिर है सानिया के लिए अच्छा जीवन साथी साबित होगा लेकिन इन जनाब ने तो पहले ही शादी कर ली है और वो भी 4 साल पहले..कोई आएशा उर्फ माही सिद्दीकी से और खास बात की वो भी तो हैदराबाद की ही रेहनीवाली है...लेकिन अब जब सानिया ने शादी हो रही है तो इनका कहना है कि इन्होने पहले किसी से शादी की नहीं...ये ही तो खबर है जो बन गई आजकल की सुर्खिया हर कोई सच्चाई जानना चाहता है ..आएशा के घर तो ये जनाब 2004 अपनी पूरी टीम के साथ दावत पर भी पहुचे थे...और अब इनका कहना है आएशा कोई औऱ ही लड़की है जिससे इनकी नेट पर बाते हुई ,मिलना हुआ वो कोई ओर थी...तो शोएब ये तो बताइये आप इनके घर हर थोड़े दिन में क्या करने पहुंच जाते थे...और वो नुकाह नामा भी क्या झूठा है जिस पर खुद आफके दस्तखत हैं...ये सारी बातों पर ससपेंस तो बनना हुआ ही है..लेकिन ये तो है की सानिया की शादी मुसीबत बनती जा रही है...भारत को नाम रोशन करनेवाली सानिया कहां से आगे खेल को जारी रखेगी इस पर भी बड़ा सवाल उठ रहा है...पाकिस्तान के टेनिस फेडरेशन चाहता है सानिया पाकिस्तान से खेले औऱ बारत चाहता है सानिया भारत में ही रहे..इसके अलावा भी बॉलीवुड भी पिछे नहीं है अनिस बज्मी सानिया पर फिल्म बनाना चाहते है जिसके लिए वो सानिया के किरदार के लिए सोनम कपूर को अर्पोच कर रहे हैं...इतनी सारी परेशानी और अकेली सानिया तो अब वो करे..तो क्या करे..अगर एक आम लड़की की शादी होती तो इतना बवाल ही नहीं होता..तो क्या ज्यादा नाम होना भी परेशानी का सबब होता है..सानिया के केस को देखकर तो ऐसा ही लगता..तो फिर इससे ये समझा जाए अगर शादी के बाद खुशहाल जिंदगी जीना है तो आण लड़की बने रेहने ही बहतर है...जितना नाम होगा उतनी ही परेशना होगी...तो ये साफ है अगर आगे की जिंदगी बेहतर चाहिए तो अपना करियर शादी के बाद बनना ही बेहतर है...लेकिन लोगों को तो वहां भी चैन नहीं मिलेगा .वहां भी बहुत परेशानी आ जाएगी..हम तो यही कहेगे एक आम लड़की की तरह सानिया को अपनी मर्जी से अपनी लाईफ जीने का हक है और इसे जिस तरह से मिडीया में उछाला जा रहा है कहीं ना कहीं सानिया,आएशा और शोएब आहत तो जरूर हो रहे होंगे...

Sunday, March 14, 2010

बिल पर बवाल


महिला आरक्षण पर, हुआ बड़ा बवाल
लालू,शरद,मुलायम ने,बदल ली चाल,

राज्यसभा में उड़ी पर्चियां,तीखे हुए तेवर
देख हंगामा सांसदों का,सहम गए स्पिकार,

जमकर विरोध करने पर,सांसदों ने पाई सज़ा
इनका हाल देखकर ,बाकी को आया मज़ा

राज्यसभा में पारित हो कर, जीती आधी लड़ाई
सोनिया संग महिलाओँ ने, जमकर खुशी मनाई

जंग जारी लगातार सदन में,होगी पूरी जीत
चौहद बरस के इंतज़ार को,महिला देगी सीख

जारी होगा आरक्षण तो,पुरुष होंगे ख़ाक
संसद में आखर महिलाएं दिखलाएंगी साख

यही वजह है डरता आदम,महिलाओं के आगे
चले ना घर में,चले ना बाहर ,इसे से डर लागे.....

बिल पर बवाल

Saturday, March 13, 2010

फर्जी बाबा


'फर्ज़ी बाबा'

देख तमाशा बाबा को ,लोगों का मन बोला
कितना पैसा कमाया है,भर गया है झोला

लगाया चूना लोगों को ,ऐसा किया चमत्कार
बाबा की शरण में आने को,सभी थे तैयार

पाप का घड़ा जब भर आया ,तब हुई बड़ी हैरानी
पैसा कमाने के चक्कर में ,बाबा ने की शैतानी

काम करे सब निंदनिय,हो गए बदनाम
बोल बाबा तूने क्यों किए,ऐसे गंदे काम

नहीं सोचा था ऐसा होगा,बाबा निकलेगा फर्ज़ी
भक्तों ने सब बाबाओं पर ,अब लगा दी है सख्ती

मिलकार आओ वादा कर लें,ना हो अब खिलवाड़
ढ़ोगियों के चक्करों में ,फंसे ना कोई परिवार

अपनी पीड़ा

अपनी पीड़ा

अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ
कितने दुख मैं हरती जाऊ,
आए ना अब तो साजन मोरे
कैसे अब मैं मन बहलाऊ

अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ....

रोज़ का ये है मेरा अफसाना
इंतज़ारा करना,सपने सजाना
कैसे दिल का हाल सुनाऊ
अपनी पीड़ा किसे बताऊ
कितने दुख मैं हरती जाऊ...

दिल कहता है अब तो झूमू
पगली बनके हर दम घूमू..
कैसे तुमको मैं समझाऊ
अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ

देख मेरे तू नखरे सजना
आखों में कजरा,बालों में गजरा
हर दिल मैं अब खुद को सजाऊ
अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ