रात के संग है चांदनी ,दिन की बात निराली
तोरे संग बैठे-बैठे,दिल की बात कह डाली ।
रात के संग है चांदनी....
बात करू मोहे लाज भी आवे,ना करू मर जाऊ
आजा अब तो साजन मोरे,बाहो में भर जाऊ
रात के संग है चांदनी.....
हर पल करू तोरा इंतजार में,निंदों में जग जाऊ
एक झलक तोहे देखन को,बेकरार हो जाऊ
रात के संग है चांदनी......
हाय ये जलवे तोरे सजना,दिवाना कर जाए
अब तो मोरे नयनों में ,झलक तोरी नजर आए
रात के संग है चांदनी........
Saturday, October 15, 2011
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