
हमारे देश के सैनिक,हमारे देश की शान जिन्हे हम देश के रक्षक मानत है..लेकिन अब वो दिन लद गए ऐसा कहना कोई गलत नहीं होगा..जहां छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमलों का शिकार हुए 76 शहीदों को हम भूला भी नहीं पाए थे वहां...पुणे में जो घटना आज सामने आई उसने वाकीय सभी सैनिको को शर्मसार कर दिया..राजपूताना रायफल्स के दो जवानों ने 19 वर्षिय एक लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया...क्या यही है वो जिनके हाथों हम हमारे देश को सौंप चुके हैं....ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले क्या इन्हे एक बार भी अपनी वर्दी का ख्याल नहीं आया...क्या हम अपने देश के इन जवानों के प्रति जो सम्मान रखते हैं वो क्या अब भी कायम रह पाएगा... इतनी निंदनिय कर्म करने वालों को तो जीने का भी अधिकार नहीं है...हमारे देश का कानून ही शायद इस मामलों को बढ़ावा दे रहा है..क्या नहीं सरे आम ऐसे लोगों को फासी की सज़ा दी जाती ताकी दूसरों के लिए सबक तो हो...उस लड़की पर क्या बिती होगी इसका अंदाज़ा शायद उन लोगों को नहीं जो ऐसा काम करते समय ये भूल जाते है कि उनके भी घर में मां-बहनें हैं...कब -तक ये अपराध का ग्राफ यू ही बढ़ता जाएगा..कब -तक ये लोग यू ही मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाते रहेगे...अब जब देश की रक्षा करनेवाले भी यही करने लगे तो लड़कियां तो घर से बाहर भी नहीं निकल सकती..क्या लड़की होना एक सज़ा है..क्यों इन बेशर्म लोगों को ऐसे ही कानून रिहा कर देता है...बात इज्जत की है वो भी एक लड़की की ...कई तो मामले ऐसे होते हैं जो सामने भी ननहनीं आ पाते...और कई ऐसे हैं जो सामने होने के बाद भी ऐसे ही दबा दिए जाते हैं..मानो कुछ हुआ ही ना हो...समय अब चुप रहने का नही है..समय है ऐसे लोगों को इस देश क्या दुनियां से अलविदा कहने का...समय है इसे रोकने के लिए मिलकर आवाज़ उठाने का...और इसे जड़ से मिटाने का






