Sunday, March 14, 2010

बिल पर बवाल


महिला आरक्षण पर, हुआ बड़ा बवाल
लालू,शरद,मुलायम ने,बदल ली चाल,

राज्यसभा में उड़ी पर्चियां,तीखे हुए तेवर
देख हंगामा सांसदों का,सहम गए स्पिकार,

जमकर विरोध करने पर,सांसदों ने पाई सज़ा
इनका हाल देखकर ,बाकी को आया मज़ा

राज्यसभा में पारित हो कर, जीती आधी लड़ाई
सोनिया संग महिलाओँ ने, जमकर खुशी मनाई

जंग जारी लगातार सदन में,होगी पूरी जीत
चौहद बरस के इंतज़ार को,महिला देगी सीख

जारी होगा आरक्षण तो,पुरुष होंगे ख़ाक
संसद में आखर महिलाएं दिखलाएंगी साख

यही वजह है डरता आदम,महिलाओं के आगे
चले ना घर में,चले ना बाहर ,इसे से डर लागे.....

बिल पर बवाल

Saturday, March 13, 2010

फर्जी बाबा


'फर्ज़ी बाबा'

देख तमाशा बाबा को ,लोगों का मन बोला
कितना पैसा कमाया है,भर गया है झोला

लगाया चूना लोगों को ,ऐसा किया चमत्कार
बाबा की शरण में आने को,सभी थे तैयार

पाप का घड़ा जब भर आया ,तब हुई बड़ी हैरानी
पैसा कमाने के चक्कर में ,बाबा ने की शैतानी

काम करे सब निंदनिय,हो गए बदनाम
बोल बाबा तूने क्यों किए,ऐसे गंदे काम

नहीं सोचा था ऐसा होगा,बाबा निकलेगा फर्ज़ी
भक्तों ने सब बाबाओं पर ,अब लगा दी है सख्ती

मिलकार आओ वादा कर लें,ना हो अब खिलवाड़
ढ़ोगियों के चक्करों में ,फंसे ना कोई परिवार

अपनी पीड़ा

अपनी पीड़ा

अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ
कितने दुख मैं हरती जाऊ,
आए ना अब तो साजन मोरे
कैसे अब मैं मन बहलाऊ

अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ....

रोज़ का ये है मेरा अफसाना
इंतज़ारा करना,सपने सजाना
कैसे दिल का हाल सुनाऊ
अपनी पीड़ा किसे बताऊ
कितने दुख मैं हरती जाऊ...

दिल कहता है अब तो झूमू
पगली बनके हर दम घूमू..
कैसे तुमको मैं समझाऊ
अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ

देख मेरे तू नखरे सजना
आखों में कजरा,बालों में गजरा
हर दिल मैं अब खुद को सजाऊ
अपनी पीड़ा किसे सुनाऊ