बच्चे कितने मासूम होते है इसका अंदाज़ मुझे था लेकिन इतना प्यारी बातें वो कर सकते है ये हम सोच भी नहीं सकते...मेरे भांजे की बाती बहुत निराली है ..अब नौकरी में रहते हुए घर जाना बहुत कम होता है ..और फिर शादी होने के बाद घर से दूर रहना और भी प्यार बढ़ा देता है...अभी दो दिन के लिए घर गई थी..परीक्षा जो देना थी ..जाने के लिए तैयार हुए मेरे बेटा जी हां दीदी के बच्चे यानी मेरे ही बच्चे बड़े प्यार से मुझे देख रहा था...फिर उसने पूछ ही लिया क्या मैं वापस जा रही हूं...तैयार होने की क्या वजह है..तब मैंने बताया एक्ज़ाम देने जा रही हूं..तो कब-तक वापस जा जाएगी..मैंने जवाब दिया बस कुछ ही देर में...उसे थोड़ी राहत मिली चलो ये जा तो नहीं रही है..अभी वापस आ जाएगी...अचानक ही कॉलेज से फोन आ गया एक्जाम कैंनसिल हो गया है...मैंने वापस घर के लिबाज में आ गई..बेटे ने वापस देखा ये क्या मैं तो फिर घर के कपड़ों में आ गई..फिर उसके सावल शूरू हो गए..क्या हुआ तू जा नहीं रही है एक्ज़ाम देन..मैंने कहा नहीं अब नहीं जाना है मैं यहीं पर हूं नहीं जाउंगी...तो फिर बेटे के सवाल सुनिए...अब तू कभी भी नहीं जाएगी ...हमारे साथ ही रहेगी..मेरा जवाब था हैं...फिर एक बात तो ऐसी कह दी की मेरे दिल को छू गई...अब अपने पति के पास भी नहीं जाएगी...मैं तो जैसे दंग रह गई..क्या सच ये इतना प्या करता है,मेरे जाना इसे इतना पसंद नहीं...ये बात मुझे इतनी प्यारी लगी की मेरे पास उस एहसास को बयां करने के शब्द ही नहीं है...बस दिल ने चाहा उसे बहुत सारा प्यार करू...ये है मेरे प्यारे बेटे की प्यारी बातें...
Monday, April 5, 2010
नटखट बच्चे की प्यारी बातें
बच्चे कितने मासूम होते है इसका अंदाज़ मुझे था लेकिन इतना प्यारी बातें वो कर सकते है ये हम सोच भी नहीं सकते...मेरे भांजे की बाती बहुत निराली है ..अब नौकरी में रहते हुए घर जाना बहुत कम होता है ..और फिर शादी होने के बाद घर से दूर रहना और भी प्यार बढ़ा देता है...अभी दो दिन के लिए घर गई थी..परीक्षा जो देना थी ..जाने के लिए तैयार हुए मेरे बेटा जी हां दीदी के बच्चे यानी मेरे ही बच्चे बड़े प्यार से मुझे देख रहा था...फिर उसने पूछ ही लिया क्या मैं वापस जा रही हूं...तैयार होने की क्या वजह है..तब मैंने बताया एक्ज़ाम देने जा रही हूं..तो कब-तक वापस जा जाएगी..मैंने जवाब दिया बस कुछ ही देर में...उसे थोड़ी राहत मिली चलो ये जा तो नहीं रही है..अभी वापस आ जाएगी...अचानक ही कॉलेज से फोन आ गया एक्जाम कैंनसिल हो गया है...मैंने वापस घर के लिबाज में आ गई..बेटे ने वापस देखा ये क्या मैं तो फिर घर के कपड़ों में आ गई..फिर उसके सावल शूरू हो गए..क्या हुआ तू जा नहीं रही है एक्ज़ाम देन..मैंने कहा नहीं अब नहीं जाना है मैं यहीं पर हूं नहीं जाउंगी...तो फिर बेटे के सवाल सुनिए...अब तू कभी भी नहीं जाएगी ...हमारे साथ ही रहेगी..मेरा जवाब था हैं...फिर एक बात तो ऐसी कह दी की मेरे दिल को छू गई...अब अपने पति के पास भी नहीं जाएगी...मैं तो जैसे दंग रह गई..क्या सच ये इतना प्या करता है,मेरे जाना इसे इतना पसंद नहीं...ये बात मुझे इतनी प्यारी लगी की मेरे पास उस एहसास को बयां करने के शब्द ही नहीं है...बस दिल ने चाहा उसे बहुत सारा प्यार करू...ये है मेरे प्यारे बेटे की प्यारी बातें...
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